Sunday, May 10, 2020

एक सलाम शहीदों के नाम

भारत माँ से आज उसके 

कई वीर सपूत बिछड़ गए

नमन है ऐसे वीरों का

जो कुर्बान वतन पर हो गए

न झुकने दिया सर देश का अपने

वो अपना सर कटा गए

                     भारत माँ की लाज बचा 

                     ख़ुद मौत को गले लगा गए ,,।

न रुके कभी न झुके कभी

वो तान के सीना चलते हैं

ख़ुद जान की परवाह किये बिना

वतन की रक्षा करते हैं

जिस मिट्टी में जन्म लिया

उस मिट्टी का कर्ज़ चुका गए

                    भारत माँ की लाज बचा

                    ख़ुद मौत को गले लगा गए,,।

घर परिवार को छोड़ कर वो

सीमा पर पहरा देते हैं

देश की रक्षा की ख़ातिर

अपनों से दूर वो रहते हैं

जिस माँ की गोद में पले-बड़े

उस माँ को रोता छोड़ गए

                  भारत माँ की लाज बचा

                  ख़ुद मौत को गले लगा गए,,।

धन्य हैं वो वीर जवां

जो देश पर मिट जाते हैं

कदम बढ़ें दुश्मन के अग़र तो

वो चीर लहु पी जाते हैं

न भूल सकें कुर्बानी उनकी

वो ऐसी छाप लगा गए

                भारत माँ की लाज बचा 

                ख़ुद मौत को गले लगा गए,,।।https://youtu.be/axEX8cgUQxE

Friday, May 1, 2020

ये देश फ़िर से मुस्कुराएगा

फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
कोरोना का अंधकार मिटाकर
एक नया सवेरा साथ लाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
लॉकडाउन हुआ है जबसे
कैद हो गए घर में तबसे
बिछड़ गए अपनों से सारे
कोरोना के कहर से हारे
ये हार का सिलसिला जल्द खत्म हो जाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
बन्द हो गए धन्धे सारे
छूट गयी मज़दूरी
चाह कर भी न कमा पा रहे
हाय! कैसी मजबूरी
इस मजबूरी की दीवार गिरा
हर वर्ग काम पर जाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
खुल जाएंगे रास्ते सारे
सब बंधन मुक्त हो जाएंगे
हरा के फिर कोरोना को
आज़ादी का दीप जलाएंगे
बिखर गई है अर्थव्यवस्था हमारी
उसको मजबूत बनाएंगे
बिगड़े हुए इन हालातों में
सारा देश एकजुट हो जाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
करें प्रकृति को नमन आज हम
और करें ये वादा
न छेड़-छाड़ करें धरती से
न हो ऐसा इरादा
प्रकृति का साथ पाकर
हर आंगन खिल जाएगा
फ़िर से वो दिन आएगा
जब सारा देश मुस्कुराएगा
सारा देश मुस्कुराएगा..
https://bit.ly/3am6K3m

Saturday, April 25, 2020

चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं

चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं
अपने प्यार की शुरुआत फिर से करते हैं
कहानी के कुछ पन्ने जो रह गए थे अधूरे
साथ मिलकर उन्हें फ़िर से लिखते हैं
चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं,,
हर बात को पूरा न करना जैसे आदत थी तुम्हारी
यही वज़ह थी जो रह गयी अधूरी कहानी हमारी
तुम जो बिना बोले समझाने की कोशिश करते थे
ख़ुद भी उलझ जाते और मुझे भी परेशान करते थे
तुम्हारी इस आदत में थोड़ा सुधार करते हैं
चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं,,
तुम लिखना उन बातों को जो कभी कह न सके
मेरे होकर भी कभी मेरे हो न सके
मेरे साथ तो थे तुम लेकिन पास नहीं
तुम्हारी कमी को बयां कर सकें
मेरे पास वो अल्फ़ाज़ नहीं
इस अधूरेपन को आज दूर करते हैं
चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं,,https://bit.ly/3am6K3m

Sunday, April 19, 2020

कीमत...एक बेटी होने की

https://bit.ly/3am6K3mपूँछ बैठा आज मेरा साया मुझसे
साथ हूँ मैं तेरे जबसे
देखा नहीं कभी तुझे मुस्कुराते हुए
क्या राज़ है आज बता दे मुझे,,
मैनें अपनी झुकी हुई नज़रें उठाते हुए कहा,,
सुन,मैं भी मुस्कुराना चाहती हूँ
फूलों की तरह खिलखिलाना चाहती हूँ
चाहत है खुले आसमां में उड़ने की
अपनी बेरंग ज़िन्दगी में रंग भरने की
अरमां हैं मेरे भी कुछ अपने
खुली आँखों से देखे मैनें न जाने कितने सपने
वो नन्हे-नन्हे बच्चे जब बस्ता लेकर निकलते हैं
उन्हें देख कर मेरे क़दम भी आगे बढ़ते हैं
थाम लूँ इन नन्हे हाथों से कलम आज मैं भी
लिख दूँ एक नई दास्तां आज मैं भी
किन्तु रोक लेती हूँ फिर खुद को
ज़रा जोर से झकझोर लेती हूँ खुद को
फिर याद आता है कलम नहीं झाडू है हाथ में
और मुझे तो जीना है बस इसी के साथ मैं
जन्म लेते ही भुला दिया था मुस्कुराना मैंने
एक बेटी होने की यही कीमत अदा की है मैंने
एक बेटी होने की यही कीमत अदा की है मैंने,

Tuesday, April 14, 2020

वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं

दिल से जुड़ी थी जो बातें दिल की
अब दिल ही दिल में दबाने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं,,
बेझिझक करते थे जो कभी बातें हमसे
अब हर राज़ छुपाने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं,,
कहते थे जो कभी न छूटेगा साथ हमारा
अब वही अपना हाथ छुड़ाने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं,,
मिलकर देखे थे जो कभी ख्वाब हमने
अब एक-एक कर हर ख्वाब दफ़नाने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं,,
हसरत थी जिनके साथ ज़िन्दगी बिताने की
चाहत थी उम्र भर साथ निभाने की
दिलाया था जिसने भरोसा अपने क़रीब होने का
आज वही तन्हाइयों का एहसास कराने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं     
 वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगेwww.youtube.com/miniPOETRY

कोरोना या कर्मा

चारों ओर कोहराम मचा
सारी दुनिया घबराई है
स्वर्ग सी अपनी धरती पर
ये कैसी आफत आयी है
जबसे हमने जन्म लिया
न देखा ऐसा मंज़र है
पृथ्वी के सीने में घुसता
कोरोना रूपी खंज़र है
सूने हो गए गली मोहल्ले
बन्द हो गए रास्ते
घर में रुकना है अब तुमको
बस जीने के वास्ते,,www.youtube.com/miniPOETRY

बदलते रिश्ते

आज मन में ये सवाल उठता है

क्यों किसी से बात करने का मन करता है

जब खोए हुए हैं सब अपनी ही दुनिया में

तो क्यों उन्हें तलाशने को जी करता है आज मन में ये सवाल उठता है,,,

कहते तो सब हैं कि हम साथ हैं

दूर हैं लेकिन तुम्हारे पास हैं

फिर ये साथ अधूरा क्यों लगता है

आज मन में ये सवाल उठता है,,,

मीठा बोल के लोग पीछे छुरी चलाते हैं

करते थे अब तक जो नफ़रत हमसे

अब वो साथ मुस्कुराते हैं

अपनी कही बातों से हर दिन मुकर जाते हैं

कभी करते हैं हाँ तो कभी ना कर जाते हैं

रोज़ बदलते रिश्तों पर विश्वास कैसे हो सकता है

आज मन में ये सवाल उठता है,,www.youtube.com/miniPOETRY