Saturday, April 25, 2020

चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं

चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं
अपने प्यार की शुरुआत फिर से करते हैं
कहानी के कुछ पन्ने जो रह गए थे अधूरे
साथ मिलकर उन्हें फ़िर से लिखते हैं
चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं,,
हर बात को पूरा न करना जैसे आदत थी तुम्हारी
यही वज़ह थी जो रह गयी अधूरी कहानी हमारी
तुम जो बिना बोले समझाने की कोशिश करते थे
ख़ुद भी उलझ जाते और मुझे भी परेशान करते थे
तुम्हारी इस आदत में थोड़ा सुधार करते हैं
चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं,,
तुम लिखना उन बातों को जो कभी कह न सके
मेरे होकर भी कभी मेरे हो न सके
मेरे साथ तो थे तुम लेकिन पास नहीं
तुम्हारी कमी को बयां कर सकें
मेरे पास वो अल्फ़ाज़ नहीं
इस अधूरेपन को आज दूर करते हैं
चलो गुज़रे हुए वक़्त में चलते हैं,,https://bit.ly/3am6K3m

Sunday, April 19, 2020

कीमत...एक बेटी होने की

https://bit.ly/3am6K3mपूँछ बैठा आज मेरा साया मुझसे
साथ हूँ मैं तेरे जबसे
देखा नहीं कभी तुझे मुस्कुराते हुए
क्या राज़ है आज बता दे मुझे,,
मैनें अपनी झुकी हुई नज़रें उठाते हुए कहा,,
सुन,मैं भी मुस्कुराना चाहती हूँ
फूलों की तरह खिलखिलाना चाहती हूँ
चाहत है खुले आसमां में उड़ने की
अपनी बेरंग ज़िन्दगी में रंग भरने की
अरमां हैं मेरे भी कुछ अपने
खुली आँखों से देखे मैनें न जाने कितने सपने
वो नन्हे-नन्हे बच्चे जब बस्ता लेकर निकलते हैं
उन्हें देख कर मेरे क़दम भी आगे बढ़ते हैं
थाम लूँ इन नन्हे हाथों से कलम आज मैं भी
लिख दूँ एक नई दास्तां आज मैं भी
किन्तु रोक लेती हूँ फिर खुद को
ज़रा जोर से झकझोर लेती हूँ खुद को
फिर याद आता है कलम नहीं झाडू है हाथ में
और मुझे तो जीना है बस इसी के साथ मैं
जन्म लेते ही भुला दिया था मुस्कुराना मैंने
एक बेटी होने की यही कीमत अदा की है मैंने
एक बेटी होने की यही कीमत अदा की है मैंने,

Tuesday, April 14, 2020

वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं

दिल से जुड़ी थी जो बातें दिल की
अब दिल ही दिल में दबाने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं,,
बेझिझक करते थे जो कभी बातें हमसे
अब हर राज़ छुपाने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं,,
कहते थे जो कभी न छूटेगा साथ हमारा
अब वही अपना हाथ छुड़ाने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं,,
मिलकर देखे थे जो कभी ख्वाब हमने
अब एक-एक कर हर ख्वाब दफ़नाने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं,,
हसरत थी जिनके साथ ज़िन्दगी बिताने की
चाहत थी उम्र भर साथ निभाने की
दिलाया था जिसने भरोसा अपने क़रीब होने का
आज वही तन्हाइयों का एहसास कराने लगे हैं
वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगे हैं     
 वो धीरे-धीरे हमसे दूर जाने लगेwww.youtube.com/miniPOETRY

कोरोना या कर्मा

चारों ओर कोहराम मचा
सारी दुनिया घबराई है
स्वर्ग सी अपनी धरती पर
ये कैसी आफत आयी है
जबसे हमने जन्म लिया
न देखा ऐसा मंज़र है
पृथ्वी के सीने में घुसता
कोरोना रूपी खंज़र है
सूने हो गए गली मोहल्ले
बन्द हो गए रास्ते
घर में रुकना है अब तुमको
बस जीने के वास्ते,,www.youtube.com/miniPOETRY

बदलते रिश्ते

आज मन में ये सवाल उठता है

क्यों किसी से बात करने का मन करता है

जब खोए हुए हैं सब अपनी ही दुनिया में

तो क्यों उन्हें तलाशने को जी करता है आज मन में ये सवाल उठता है,,,

कहते तो सब हैं कि हम साथ हैं

दूर हैं लेकिन तुम्हारे पास हैं

फिर ये साथ अधूरा क्यों लगता है

आज मन में ये सवाल उठता है,,,

मीठा बोल के लोग पीछे छुरी चलाते हैं

करते थे अब तक जो नफ़रत हमसे

अब वो साथ मुस्कुराते हैं

अपनी कही बातों से हर दिन मुकर जाते हैं

कभी करते हैं हाँ तो कभी ना कर जाते हैं

रोज़ बदलते रिश्तों पर विश्वास कैसे हो सकता है

आज मन में ये सवाल उठता है,,www.youtube.com/miniPOETRY

दोस्ती

रूठ जाऊं में तो वो मुझे मनाते थे
खुश अगर हूँ मैं तो साथ मुस्कुराते थे
मेरे लिए वो हर मुसीबत से लड़ जाते थे
वो मेरे दोस्त ही थे जो मेरा हर पल साथ निभाते थे,,
राहों में हों कांटे तो फूल बन बिछ जाते थे
लड़खड़ाने लगे कदम तो सहारा बन जाते थे
माना थोड़े कमीने थे शरारतें कर जाते थे
पर वो मेरे दोस्त ही हैं जो हर पल मेरा साथ निभाते थे,,
ज़िन्दगी की राह में सब अलग अलग हो गए
ज़िमेदारियों के बोझ में इधर उधर खो गए
मिलने जुलने का सिलसिला अब कम हो गया है
देर रात तक गप्पें मारना अब बन्द हो गया है
दुनिया कि इस भीड़ में अकेलापन महसूस होता है
आसां हो जाता है सफर अग़र दोस्त साथ होता है,,www.youtube.com/miniPOETRY

कोरोना अब तो हमें छोड़ोंना

         

विदेश से एक अजीब सा मेहमान आया है
नाम उसने अपना कोरोना बताया है
देश में परेशानियों का पहाड़ बनकर
हज़ारों मुसीबत अपने साथ लाया है
हाथ मिलाकर वो लोगों को फ़साता है
दूरी बनाने से वो दूर भाग जाता है
मास्क ना पहनो तो वो खुश हो जाता है
और बार-बार हाथ धोने से वो हार जाता है
बीमारी का भय दिखाकर सबको डराता है
पीछे पड़ जाए एक बार तो बहुत सताता है
लापरवाही करे इंसान अगर तो
मौत के द्वार तक भी ले जाता है
डरना नहीं है इससे बस अब ये करना है
अपने हाथ और शरीर को साफ और स्वछ रखना है
उचित दूरी बनाएं सबसे घर से बाहर न निकलना है
लड़ रहे जो हमारे लिए उनका साथ निभाना है
नहीं करना अनदेखा इसको इसको सबक सिखाना है
बिन बुलाई इस आफ़त को
देश से बाहर भागना है,,www.youtube.com/miniPOETRY

Thursday, April 2, 2020

देश के रक्षक

                  Corona warriors
                       देश के रक्षक
लॉकडाउन हो गया देश में
संकट बड़ा ही भारी है
जब बन्द हो गए सभी घरों में
तब कुछ सेवाएं जारी हैं।
       बन्द हो गए मंदिर सारे
       लोगों के मन मुरझाये हैं
       अस्पतालों में देखा हमने
       भगवान निकल कर आए हैं
ख़ुद की परवाह किये बिना
दिन रात जो सेवा करते हैं
देकर नई जिंदगी हमको
खुद रोज़ मौत से लड़ते हैं
        मुश्किल भरी इस घड़ी में
        कोरोना जैसे रावण है
        कोरोना की कमर तोड़ने
        आया पुलिस प्रसाशन है
घर परिवार को छोड़ कर अपने
गली सड़कों पर खड़े हुए
न घुसने देंगे कोरोना को
इस बात पर सब डटे हुए
         दोस्तों ये समय है ऐसा
         हम सबको साथ आना है
         बेवज़ह घर से न निकलकर
         लॉकडाउन को सफल बनाना है।।www.youtube.com/miniPOETRY