आज मन में ये सवाल उठता है
क्यों किसी से बात करने का मन करता है
जब खोए हुए हैं सब अपनी ही दुनिया में
तो क्यों उन्हें तलाशने को जी करता है आज मन में ये सवाल उठता है,,,
कहते तो सब हैं कि हम साथ हैं
दूर हैं लेकिन तुम्हारे पास हैं
फिर ये साथ अधूरा क्यों लगता है
आज मन में ये सवाल उठता है,,,
मीठा बोल के लोग पीछे छुरी चलाते हैं
करते थे अब तक जो नफ़रत हमसे
अब वो साथ मुस्कुराते हैं
अपनी कही बातों से हर दिन मुकर जाते हैं
कभी करते हैं हाँ तो कभी ना कर जाते हैं
रोज़ बदलते रिश्तों पर विश्वास कैसे हो सकता है
आज मन में ये सवाल उठता है,,www.youtube.com/miniPOETRY
क्यों किसी से बात करने का मन करता है
जब खोए हुए हैं सब अपनी ही दुनिया में
तो क्यों उन्हें तलाशने को जी करता है आज मन में ये सवाल उठता है,,,
कहते तो सब हैं कि हम साथ हैं
दूर हैं लेकिन तुम्हारे पास हैं
फिर ये साथ अधूरा क्यों लगता है
आज मन में ये सवाल उठता है,,,
मीठा बोल के लोग पीछे छुरी चलाते हैं
करते थे अब तक जो नफ़रत हमसे
अब वो साथ मुस्कुराते हैं
अपनी कही बातों से हर दिन मुकर जाते हैं
कभी करते हैं हाँ तो कभी ना कर जाते हैं
रोज़ बदलते रिश्तों पर विश्वास कैसे हो सकता है
आज मन में ये सवाल उठता है,,www.youtube.com/miniPOETRY
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